दीपका, गेवरा एवं कुसमुंडा खदानों में ठेका कंपनियों द्वारा श्रमिक शोषण पर कठोर कार्रवाई की जाए

कोरबा : ऊर्जा उत्पादन की कीमत पर जनजीवन बेहाल

 

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने प्रशासन को सौंपा 20 सूत्रीय ज्ञापन, 19 जनवरी को चक्काजाम की चेतावनी**

 

कोरबा (छत्तीसगढ़)

देश के प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल कोरबा जिला एक बार फिर जनआक्रोश के केंद्र में आ गया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री ईश्वर अरमेक्सन ने दीपका क्षेत्र सहित पूरे कोरबा जिले में व्याप्त गंभीर जनसमस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए 19 जनवरी 2026 को चक्काजाम एवं धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है।

 

ज्ञापन में सड़क, यातायात, पर्यावरण, श्रमिक शोषण, धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण, किसानों की भूमि समस्या, आदिवासी स्वशासन पर दमन, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और स्थानीय रोजगार जैसे 20 से अधिक गंभीर मुद्दों को उठाया गया है।

 

 

 

सिरकी मोड़ (दादा हीरा सिंह मरकाम चौक) बना जनसंकट का केंद्र

 

ज्ञापन में विशेष रूप से सिरकी मोड़ (दादा हीरा सिंह मरकाम चौक) की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया गया है।

कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण—

 

प्रतिदिन लंबा जाम

 

स्कूली बच्चों, मरीजों और श्रमिकों को भारी परेशानी

 

दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंका

 

 

बताया गया है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मांग की है कि—

 

भारी वाहनों के लिए पृथक पार्किंग यार्ड बनाया जाए

 

मुख्य मार्गों पर ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगे

 

बंद पड़ी हाई-मास्ट लाइटों को तत्काल चालू किया जाए

 

 

 

 

सड़कें जर्जर, दुर्घटनाएँ आम

 

दीपका श्रमिक चौक से गांधी नगर, सिरकी मोड़ तक का मार्ग अत्यंत खराब स्थिति में है।

सड़क ज्वाइंट टूट चुके हैं, जलभराव और धूल के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं।

ज्ञापन में सड़क की तत्काल मरम्मत, पक्की सड़क, डिवाइडर निर्माण और नियमित सफाई की मांग की गई है।

 

 

 

अवैध अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था का खतरा

 

सिरकी मोड़ क्षेत्र में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को भविष्य में गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या बताया गया है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग से संयुक्त कार्रवाई कर तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

 

 

बूढ़ादेव स्थल पर कब्जा, आदिवासी आस्था पर सीधा हमला

 

ग्राम झाबर स्थित पवित्र बूढ़ादेव स्थल पर अवैध कब्जे को सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बताया गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि—

 

बूढ़ादेव स्थल आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है

 

वहां कब्जा सामाजिक तनाव को जन्म दे रहा है

 

जर्जर बूढ़ादेव भवन का पुनर्निर्माण आवश्यक है

 

 

 

 

80% स्थानीय रोजगार की मांग

 

दीपका, गेवरा और कुसमुंडा खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियों पर श्रमिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि—

 

स्थानीय युवाओं को जानबूझकर रोजगार से वंचित किया जा रहा है

 

न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, मेडिकल सुविधा का उल्लंघन हो रहा है

 

 

मांग की गई है कि—

 

> ठेका कंपनियों में न्यूनतम 80 प्रतिशत पद स्थानीय निवासियों व विस्थापित परिवारों से भरे जाएँ।

 

 

 

 

 

गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर : किसानों की खेती दो हिस्सों में बंटी

 

रेल कॉरिडोर निर्माण के कारण ग्राम देवगांव के किसानों की कृषि भूमि दो भागों में विभाजित हो गई है।

अंडर ब्रिज या कृषि मार्ग न होने से किसानों को अपने खेत तक पहुँचने के लिए 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

 

पार्टी ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताते हुए तत्काल अंडर ब्रिज (कृषि मार्ग) निर्माण की मांग की है।

 

 

 

कोयला परिवहन के लिए पृथक ‘कोल कॉरिडोर’ की मांग

 

ज्ञापन में एसईसीएल से मांग की गई है कि—

 

दीपका, गेवरा और कुसमुंडा खदानों से कोयला परिवहन हेतु

 

एक समर्पित कोल कॉरिडोर बनाया जाए

 

जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 से जोड़ा जाए

 

 

इससे आम नागरिकों को जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिल सके।

 

 

 

पाँचवीं अनुसूची और पेसा कानून का उल्लंघन

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि—

 

कोरबा जिला पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र है

 

इसके बावजूद निर्वाचित आदिवासी सरपंचों पर

बिना निष्पक्ष जांच दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है

 

 

इसे संविधान, पेसा अधिनियम और आदिवासी स्वशासन के विरुद्ध बताया गया है।

 

 

 

स्वास्थ्य सेवाओं की भयावह स्थिति

 

दीपका एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में—

 

आज तक पूर्ण सुविधा युक्त अस्पताल स्थापित नहीं

 

24×7 आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का अभाव

 

खदान व सड़क दुर्घटनाओं में इलाज की भारी समस्या

 

 

ज्ञापन में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एम्बुलेंस और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा की मांग की गई है।

 

 

19 जनवरी को चक्काजाम का ऐलान

 

प्रदेश प्रवक्ता ईश्वर अरमेक्सन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि—

 

> यदि इन सभी मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई,

तो 19 जनवरी 2026, प्रातः 10 बजे से

सिरकी मोड़ (दादा हीरा सिंह मरकाम चौक) पर

एकदिवसीय चक्काजाम एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

 

उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा, लेकिन यदि जनजीवन प्रभावित होता है तो इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन की होगी

निष्कर्ष

 

कोरबा आज एक बड़ा सवाल बन चुका है—

क्या देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने की कीमत स्थानीय नागरिक, आदिवासी, किसान और श्रमिक चुकाते रहेंगे?

 

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का यह ज्ञापन और आंदोलन

जनहित, संविधान, पर्यावरण और सामाजिक न्याय की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

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