शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस 21 दिसंबर को बेमेतरा में, मंत्री केदार कश्यप होंगे मुख्य अतिथि

 

 

शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस 21 दिसंबर को बेमेतरा में, मंत्री केदार कश्यप होंगे मुख्य अतिथि

 

बेमेतरा, छत्तीसगढ़।

छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी, जननायक और आदिवासी गौरव शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को स्मरण करते हुए प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 दिसंबर 2025, रविवार को बलिदान दिवस का भव्य आयोजन बेमेतरा जिले में किया जा रहा है। यह आयोजन दुर्ग रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर, बेमेतरा में संपन्न होगा।

इस ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, गोंड़ समाज, सर्व आदिवासी समाज, जी.एस.यू. एवं जिला बेमेतरा के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है तथा आदिवासी समाज सहित सर्व समाज के लोगों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

 

मंत्री केदार कश्यप होंगे मुख्य अतिथि

 

इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कार्यक्रम में माननीय श्री केदार कश्यप जी, मंत्री — वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनका मुख्य आतिथ्य इस आयोजन को और भी गरिमामय एवं ऐतिहासिक बनाएगा।

 

विशिष्ट एवं अति विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

 

कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय श्री दीपेश साहू जी, विधायक, बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे श्री आर. एन. ध्रुव, प्रांतीय अध्यक्ष — अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, रायपुर (छत्तीसगढ़)।

 

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से—

 

श्री विजय सिन्हा, अध्यक्ष — नगर पालिका परिषद, बेमेतरा

 

श्री मुरीत मंडावी, अध्यक्ष — सर्व आदिवासी समाज, बेमेतरा

 

श्री दरबार सिंह नेताम, अध्यक्ष — गोंड समाज, बेमेतरा

 

श्रीमती हेमा जय दिवाकर, अध्यक्ष — जनपद पंचायत, बेमेतरा

 

श्री हिरऊ राम ध्रुव, अध्यक्ष — अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, बेमेतरा

 

श्री महादेव नेताम, अध्यक्ष — धर्म संस्कृति विभाग, बेमेतरा

 

 

की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

 

शहीद वीर नारायण सिंह: संघर्ष और बलिदान की अमर गाथा

 

शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के ऐसे महान सपूत थे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित कर अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने अकाल के समय गरीबों के लिए अनाज का भंडारण खोलकर जनता को राहत दिलाई, जिसके कारण अंग्रेज सरकार ने उन्हें विद्रोही घोषित कर फांसी दे दी।

 

21 दिसंबर 1856 को रायपुर में उन्हें फांसी दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी आदिवासी चेतना, स्वाभिमान और अधिकारों के संघर्ष का प्रतीक है। शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

 

सामाजिक एकता और आदिवासी चेतना का संदेश

 

आयोजन समिति के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आदिवासी समाज में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और अधिकारों के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह के विचारों, संघर्ष और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला जाएगा।

 

बड़ी संख्या में उपस्थिति की अपील

 

आयोजन समिति ने जिले एवं आसपास के समस्त सामाजिक संगठनों, ग्राम पंचायतों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आधिकारिक रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, इतिहास और स्वाभिमान का उत्सव है।

 

सांस्कृतिक एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम

 

कार्यक्रम के दौरान शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा/चित्र पर पुष्पांजलि, श्रद्धांजलि सभा, विचार गोष्ठी तथा सामाजिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और संघर्ष की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

 

निष्कर्ष

 

बेमेतरा में आयोजित होने वाला शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस न केवल इतिहास को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सजग करने का सशक्त मंच भी है। मंत्री केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेतृत्व की उपस्थिति से यह आयोजन निश्चित ही ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बनेगा।

 

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

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