**रघुवीर सिंह मार्को: शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के प्रेरक स्तंभ** **शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर आदिवासी छात्रावास कटघोरा में उनके विचारों और घोषणाओं से बंधा पूरा माहौल** शंभू शक्ति सेना के संस्थापक और आदिवासी समाज के प्रेरणास्त्रोत श्री **रघुवीर सिंह मार्को** ने कटघोरा में आयोजित कार्यक्रम में अद्भुत ऊर्जा और जोश का संचार किया। उनके ओजस्वी उद्बोधन में आदिवासी इतिहास, सामाजिक एकजुटता, और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकी। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी घोषणा और वीर रस की कविता ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

 

कटघोरा, 10 दिसंबर 2024:
आदिवासी बालक आश्रम कटघोरा में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी, शहीद वीर नारायण सिंह मरकाम बिंझवार जी के बलिदान दिवस पर एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में **शंभू शक्ति सेना** के संस्थापक श्री **रघुवीर सिंह मार्को** उपस्थित रहे।

**प्रेरक उद्बोधन:**
मार्को जी ने अपने ओजस्वी भाषण में आदिवासी इतिहास, उनकी सांस्कृतिक परंपराओं और उनके पूर्वजों के संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के युवा वर्ग को प्रेरित करते हुए बताया कि किस तरह आदिवासियों से उनके राजपाट छीने गए और किस प्रकार समाज में जागरूकता और एकजुटता से बदलाव लाया जा सकता है।

 

**शिक्षा के लिए पहल:**
मार्को जी ने घोषणा की कि इस बार कटघोरा छात्रावास के दसवीं और बारहवीं कक्षा में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र और एक छात्रा की आगे की शिक्षा का खर्च शंभू शक्ति सेना वहन करेगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से पूर्व में भी कई विद्यार्थी उच्च पदों पर पहुंच चुके हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

**समाज सुधार के प्रयास:**
मार्को जी ने “शंभू के लो चार शपथ – सपने कर लो सारे सच” का नारा देकर गाँव-गाँव में नशा मुक्ति अभियान चलाने की सफलता को साझा किया। इसके साथ ही, आदिवासी समाज की बहन-बेटियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की योजना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से बेटियां विपरीत परिस्थितियों में अपनी रक्षा करने में सक्षम बनेंगी।

शंभू शक्ति सेना के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

**वीर रस की कविता से जोश भरा:**
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वरचित वीर रस की कविता सुनाई, जिसने छात्रों और अभिभावकों का दिल जीत लिया। उनकी मधुर आवाज और कविता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

**सामाजिक समरसता की पहल:**
विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ की स्थापना और समाज में जाति-पांति मिटाने के उनके प्रयासों को भी सराहा गया। उनके मार्गदर्शन में शंभू शक्ति सेना ने नवयुवकों में चरित्र निर्माण और समाज सुधार का कार्य जारी रखा है।

कार्यक्रम में छात्रों और अभिभावकों ने मार्को जी के साथ अपने यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। उनकी उपस्थिति ने सभी के दिलों में नई ऊर्जा और जोश का संचार किया।

**कटघोरा से:**
आदिवासी बालक छात्रावास कटघोरा के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की।

शाहिद वीर नारायण सिंह बिंझवार जी की शहादत दिवस के अवसर पर छात्रावास परिवार कटघोरा में मनाया गया पालक मिलन समारोह सह वार्षिक उत्सव

न्यूज़ कैप्सूल

**शहीद वीर नारायण सिंह बिंझवार जी का 167वां शहादत दिवस**

**स्थान**: कटघोरा, छत्तीसगढ़

**तिथि**: 10 दिसंबर 2024 (मंगलवार)

छात्रावास परिवार कटघोरा द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह बिंझवार जी के 167वें शहादत दिवस पर पालक मिलन समारोह सह वार्षिक उत्सव का आयोजन हुआ।

 

### मुख्य बिंदु:

1. **रैली का आयोजन**:

– सुबह 9 बजे फड़ा पेन गोगो के बाद रैली निकाली गई।

– रैली आदिवासी शक्तिपीठ गोंडवाना भवन से वीर नारायण सिंह चौक तक डीजे के साथ निकली।

– इसमें छात्रावास के विद्यार्थी, पालक, अतिथि और पूर्व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

 

2. **सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं उद्बोधन सत्र**:

– तीन इकाई योजना बालक छात्रावास प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित।

– सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अतिथियों के प्रेरणादायक उद्बोधन।

 

3. **विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति**:

– **मुख्य अतिथि**:

– श्री प्रेम चंद पटेल (विधायक)

– श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम (विधायक, पाली-तानाखार)

– **विशिष्ट अतिथि**:

– श्री रघुवीर सिंह मार्को, संस्थापक आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा और शंभु शक्ति सेना।

– राष्ट्रीय सांस्कृतिक सचिव, अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा।

 

4. **विशेष घोषणाएं**:

– श्री रघुवीर सिंह मार्को ने घोषणा की कि 10वीं और 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा (डॉक्टरी या इंजीनियरिंग) की पूरी जिम्मेदारी वे उठाएंगे।

 

5. **काव्य प्रस्तुति**:

– श्री मार्को ने अपनी स्वरचित वीर रस की कविता प्रस्तुत कर उपस्थितों का मन मोह लिया।

– उनकी प्रेरणादायक बातें और ऐतिहासिक संदर्भों ने छात्रों को जागरूक किया।

 

6. **यादगार पल**:

– छात्रों ने श्री मार्को के साथ तस्वीरें लेकर इस दिन को यादगार बनाया।

 

**निष्कर्ष**:

यह आयोजन आदिवासी इतिहास, संस्कृति, और शिक्षा को प्रोत्साहन देने का अनूठा प्रयास रहा। छात्रों और पालकों के बीच जोश और प्रेरणा की लहर दौड़ गई।

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

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