रामानुजनगर (सूरजपुर, छत्तीसगढ़)।
रामानुजनगर विकासखंड में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा प्रतिनिधि तथा विभिन्न ग्रामों से आए बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर समाज के विकास, शिक्षा, संस्कृति, संगठनात्मक मजबूती और आदिवासी अधिकारों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ भूमका पुजारी द्वारा किया गया। उन्होंने भारत के महान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर तथा आदिवासी स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों को नमन करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समाज के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी पत्थल सिंह आर्मो ने युवाओं को शिक्षा का महत्व समझाते हुए कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब युवा शिक्षित और जागरूक होंगे। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के प्रसिद्ध कथन को दोहराते हुए कहा—
“शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज अपनी पहचान, अधिकार और सम्मान की रक्षा कर सकता है। आज के दौर में युवा वर्ग के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन यदि वे शिक्षा को अपना हथियार बना लें तो हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।

समाज की दिशा-दशा पर गहन चर्चा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्राचार्य पीताम्बर सिंह मरावी ने समाज की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली के लिए जाना जाता है, लेकिन बदलते समय के साथ समाज को शिक्षा और आधुनिक ज्ञान के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवा संगठित होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करेंगे तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है।
उन्होंने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या युवाओं की ऊर्जा और भविष्य को प्रभावित कर रही है। इसलिए समाज के युवाओं को नशामुक्ति अभियान चलाकर जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
डिजिटल युग में युवाओं को आगे बढ़ने की जरूरत
कार्यक्रम में समाजसेवी देवसाय उइके बैगा ने डिजिटल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग और निवेश से संबंधित जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज का समय डिजिटल युग का है, इसलिए युवाओं को नई तकनीकों को सीखना और अपनाना जरूरी है। यदि समाज के युवा डिजिटल रूप से सशक्त होंगे तो वे शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में नई संभावनाओं को हासिल कर सकेंगे।
आदिवासी अधिकारों के संरक्षण का आह्वान
कार्यक्रम में बीपीएस पोया, जो सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग सूरजपुर के जिला अध्यक्ष हैं, ने युवाओं को समाज के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान जल, जंगल और जमीन से जुड़ी हुई है और इन संसाधनों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से पाँचवीं अनुसूची, पेसा कानून, ग्राम सभा के अधिकार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने अधिकारों को समझेंगे और संगठित रहेंगे तो समाज की ताकत और अधिक मजबूत होगी।
नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि नशा समाज के युवाओं के भविष्य को कमजोर करता है और सामाजिक विकास में बाधा बनता है।
इसलिए कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देंगे और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करेंगे।
बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समाज के अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें नरेंद्र सिंह मरकाम, गौरीशंकर सिंह नेताम, कदम कुमारी पोर्ते, वर्षा मरकाम, पुनेश्वर सिंह ओरकारा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और युवा प्रतिनिधि शामिल थे।
सभी वक्ताओं ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया और युवाओं को समाज के विकास की मुख्य धुरी बताया।
नई कार्यकारिणी की घोषणा
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग रामानुजनगर की नई कार्यकारिणी का गठन करना था। समाज के वरिष्ठजनों और उपस्थित सदस्यों की सहमति से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
नई कार्यकारिणी इस प्रकार है —
अध्यक्ष — गुलाब सिंह नेताम
संरक्षक — परमेश्वर सिंह ओरकेरा एवं राम सिंह टेकाम
कार्यकारी अध्यक्ष — प्रमोद सिंह मरावी
उपाध्यक्ष — आयुष सिंह पोर्ते
मीडिया प्रभारी — लक्ष्मण सिंह आर्मो
सचिव — जयकरण सिंह टेकाम
सह सचिव — गजेंद्र प्रताप सिंह मरावी
कोषाध्यक्ष — संतोष सिंह टेकाम
सह कोषाध्यक्ष — लालकेश्वर सिंह सोरी
संगठन प्रभारी — देवसाय उइके बैगा
सह मीडिया प्रभारी — योगेश सिंह टेकाम
महिला प्रभाग प्रभारी — प्रतिमा सिंह पावले
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को समाज के वरिष्ठजनों द्वारा पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
समाज की एकता और जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकता, जागरूकता और संगठन में होती है। यदि समाज के लोग आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयास के साथ आगे बढ़ेंगे तो समाज का विकास तेजी से होगा।
नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी यह संकल्प लिया कि वे समाज के युवाओं को शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार, नशामुक्ति और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन आपसी भाईचारे और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।
Author: Shambhoo Dwip
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