“शंभू के चार शपथ, समाज के चार संकल्प — रोकड़ा की धरती से गूंजा जागरण का स्वर!”

कोरिया – रोकड़ा न्यूज़ || शंभू शक्ती सेना ||

🌿 रोकड़ा में गूंजा शंभू शक्ति सेना का एकता संदेश – “शंभू के लो चार शपथ, सपने कर लो सारे सच” 🌿

सनसनीखेज खुलासा: कोरबा में SECL परियोजनाओं से उजड़े हजारों आदिवासी किसान — रोजगार, मुआवजा और पहचान संकट गहराया

आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और एकता की दिशा में सार्थक पहल

“जोबगा में गूंजा आदिवासी चेतना का बिगुल — रघुवीर सिंह मार्को और तुलेश्वर मरकाम के मार्गदर्शन में हुआ कोयतुर संदेश का भव्य विमोचन, हीरा-मोती पेनांजली दिवस बना आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक”

एमसीबी (मनेन्द्रगढ़): केल्हारी क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत रोकड़ा पटेल पारा में बुधवार शाम 7 बजे शंभू शक्ति सेना का सशक्त बैठक आयोजित किया गया।

बैठक की शुरुआत शंभू शक्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सांडिल  द्वारा रोकड़ा की पवित्र धरती और पुरखा शक्ति को नमन करते हुए हुई। “शंभू के लो चार शपथ, सपने कर लो सारे सच” के उद्घोष के साथ सभी उपस्थित जनों को चारों शंभू शपथ दिलाई गई, जिसे सभी ने निष्ठा और दृढ़ता से स्वीकार किया।

 

🪶 आदिवासी अस्मिता और प्राकृतिक जीवन पर बल

💥 आदिवासी शक्ति पीठ में गोंडवाना का बिगुल — मुख्यमंत्री करेंगे राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण ||इस संबंध में माननीय विधायक केशकाल श्री नीलकंठ टेकाम जी एवं तिरु आर.एन. ध्रुव जी द्वारा तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई ||

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सांडिल ने कहा कि —

“आदिवासी समुदाय ने सदैव प्रकृति के साथ सहजीवन का मार्ग चुना है। लेकिन आज हम अपने ही पुरखों के बनाए नियमों से दूर हो रहे हैं। जब तक हम अपनी संस्कृति, भाषा और पारंपरिक त्योहारों को नहीं अपनाएंगे, तब तक हमारी पहचान संकट में रहेगी।”

उन्होंने “बिग बैश सिद्धांत” का उल्लेख करते हुए बताया कि आदिवासी समाज ही वह समुदाय है, जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।

🌏 ‘क’ शब्द और कोयतूर पहचान का अर्थ

राकेश सांडिल्य ने “” शब्द की व्याख्या करते हुए कहा —

“जिस भू-खंड पर पृथ्वी का निर्माण हुआ, उसे कोयामुरी द्वीप या गोंडवाना द्वीप कहा गया। उसी धरती के प्रथम मानव समुदाय को कोइतूर कहा गया — जो ‘माँ की कोख से जन्मे, प्रकृति के अनुयायी’ हैं।”

 

उन्होंने चेतावनी दी कि —

“यदि हम अपने पुरखों के जीवन-सिद्धांतों और प्रकृति के नियमों को भूलते गए, तो आने वाले समय में आदिवासी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और माटी-बेटी सब पर शोषण हावी होगा।”

राकेश सांडिल प्रदेश अध्यक्ष शंभू शक्ती सेना छत्तीसगढ़

🌿 युवा, बुजुर्ग और मातृशक्ति के लिए प्रेरक संदेश

उन्होंने उपस्थित युवाओं, बुजुर्गों और मातृशक्ति से आह्वान किया कि —

“आप सभी अपनी मूल संस्कृति में बने रहें, एकजुट रहें और बिरसा मुंडा की तरह अपने अधिकार और अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष करें। आज हमें फिर से अपने जल, जंगल, जमीन और बेटी के सम्मान के लिए एकजुट होना होगा।”

महिपाल सिंह उईके जिला अध्यक्ष कोरिया MCB

🪔 बिरसा मुंडा जयंती पर चर्चा

बैठक के पश्चात धरती आबा विरसा मुंडा जयंती को लेकर परिचर्चा की गई।

जिला अध्यक्ष माही उईके (एमसीबी) ने कहा —

बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी। हमें उनकी जयंती को उत्सव की तरह मनाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन-संघर्ष से प्रेरणा ले सके।”

 

 

📰 कोयतुर संदेश — सामाजिक वैचारिक क्रांति: सदस्यता हेतु अपील

प्रदेश अध्यक्ष ने उपस्थित जनों से विशेष अपील की कि “कोयतुर संदेश”, जो कि एक सामाजिक वैचारिक क्रांति का माध्यम है, इसे मासिक पत्रिका के रूप में सभी तक पहुंचाना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि शंभू शक्ति सेना के प्रत्येक सदस्य पर यह जिम्मेदारी है कि वे इस पत्रिका की सदस्यता लें और अपने-अपने स्तर पर इस संदेश को फैलाकर समाज में परिवर्तन और जागरूकता लाएँ। सभी सदस्यों को अपने-अपने गाँव, पेंदा और गोंडवाना के समस्त लोगों तक इस क्रांति की अग्नि पहुँचानी होगी ताकि विचारों का विस्तार हो और वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव बने।

 

👥 बैठक में उपस्थित गणमान्यजन- बैठक में लगभग 40 से 50 लोग उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थितजन —

पटेल रुद्रप्रताप सिंह, वरिष्ठ देवन सिंह, इतवार सिंह, हीरन सिंह, जगन्नाथ सिंह, पृतपाल सिंह, जगजाहिर सिंह, लक्ष्मण सिंह, बबन सिंह, प्रताप सिंह, नवल सिंह, छत्रपति सिंह, भागवत सिंह, परमेश्वर मार्को, विजय सिंह पंच, राजेश सिंह (भूतपूर्व पंच), जमुना सिंह, उदय सिंह, सोन सिंह, सीताराम सिंह, गौतम सिंह, प्रमोद सिंह, विपिन सिंह, नरेंद्र सिंह, गणेश सिंह, मनोज सिंह, विनोद सिंह, अजय सिंह।

 

मातृशक्ति से: सेमवती, किस्मत बाई, रिंकी सिंह, भगवानिया सिंह, यशोदा, गायत्री सिंह उपस्थित रहीं।

ब्लॉक संस्कृति सचिव शंभू सिंह सेना, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सांडिल्य, एवं जिला अध्यक्ष कोरिया (एमसीबी) माही उईके की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

 

✍️ संपादकीय टिप्पणी: राकेश सांडिल ✒️

 

रोकड़ा की धरती से उठी यह आवाज़ आदिवासी चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। शंभू शक्ति सेना द्वारा क्रियान्वित यह पहल — शपथ, जागरूकता और मासिक कोयतुर संदेश के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

शंभू शक्ती सेना मिडिया प्रकोष्ठ

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें

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