(विशेष रिपोर्ट — कोयतुर संदेश एवं शंभू शक्ति सेना छत्तीसगढ़ परिवार)
📅 दिनांक: 30 अक्टूबर 2025
📍 स्थान: ग्राम पंचायत जोबगा, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़)
🌿 आयोजक: कोयतुर संदेश संपादकीय टीम, शंभू शक्ति सेना छत्तीसगढ़, ग्रामवासी जोबगा
🌾 गोंडवाना चेतना का पुनर्जागरण — जोबगा में इतिहास बना
ग्राम जोबगा की पवित्र धरती पर गोंडवाना के रत्नों के रत्न दादा हीरा सिंह मरकाम और दादा मोतीरावेन कंगाली की स्मृति में आयोजित “हीरा-मोती पेनांजली दिवस”, कोयतुर संदेश पत्रिका विमोचन एवं पाँच देव परिवार मिलन समारोह एक ऐतिहासिक सामाजिक जागरण का प्रतीक बन गया।

इस आयोजन ने आदिवासी अस्मिता, संस्कृति, संगठन और आर्थिक स्वावलंबन को नई दिशा दी।
🏕️ मुख्य आकर्षण — रघुवीर सिंह मार्को जी का प्रेरणादायक संबोधन
विश्व की प्रथम आदिवासी शक्ति पीठ कोरबा के संस्थापक एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक
श्री रघुवीर सिंह मार्को जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में समाज को नई दृष्टि दी।
उन्होंने कहा —

> “आज समाज को केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनना होगा।
आत्मनिर्भरता ही वह शक्ति है जो हमें परनिर्भरता की बेड़ियों से मुक्त करेगी।”
मार्को जी ने ग्रामवासियों, युवाओं और विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में अनेक सुझाव दिए। उन्होंने कहा —
> “छोटे-छोटे उद्योग, कुटीर व्यापार, पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन जैसे कार्यों से ग्रामीण परिवार अपनी आर्थिक स्थिति सशक्त कर सकते हैं।
दूध उत्पादन, सब्जी, फल, जैविक खेती, बांस और महुआ आधारित उद्योगों को अपनाकर हम न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि शहरों पर निर्भरता भी घटा सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि —
> “हमें अपनी परंपरागत कृषि और व्यापार प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ना होगा।
यही ‘आदिवासी पुनर्जागरण’ का वास्तविक स्वरूप है — जब हम अपनी जड़ों से जुड़कर विकास करें।”
🪶 चार शपथ — शंभू के पथ पर समाजिक पुनर्जागरण

रघुवीर सिंह मार्को जी ने “शंभू के लो चार शपथ — सपने कर लो सारे सच” के माध्यम से युवाओं को समाजिक जागरण की दिशा दिखाई।
1️⃣ संस्कृति की रक्षा का संकल्प —
> “आदिवासी संस्कृति विश्व संस्कृति की जननी है। इसे जीवित रखना हमारा धर्म है।”
2️⃣ नशामुक्त समाज का संकल्प —
“नशा हमारी प्रगति की सबसे बड़ी बाधा है, इसे खत्म करना ही सच्ची सेवा है।”
3️⃣ शिक्षा का संकल्प —
“शिक्षा ही परिवर्तन की कुंजी है — हर बच्चे को शिक्षित करना समाज की जिम्मेदारी है।”
4️⃣ एकता का संकल्प —
> “जाति, क्षेत्र और मतभेद से ऊपर उठकर एकजुट होना ही गोंडवाना का संदेश है।”

🪔 संविधान और जागरूकता पर स्पष्ट दृष्टिकोण
मार्को जी ने समाज में फैलाई जा रही गलतफहमियों पर भी प्रकाश डाला और कहा —
> “यह कहना कि संविधान किसी वी.एन. राव ने लिखा, यह समाज को भ्रमित करने की साजिश है।
भारत के संविधान निर्माता केवल डॉ. भीमराव अंबेडकर हैं, जिन्होंने सभी वंचित वर्गों के अधिकारों की नींव रखी।”

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि —
> “संविधान पढ़ें, समझें और समाज में उसके प्रति जागरूकता फैलाएं।
क्योंकि जब तक समाज अपने अधिकारों को नहीं जानता, तब तक वह गुलाम बना रहेगा।”
🌿 कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य
यह कार्यक्रम तीन प्रमुख उद्देश्यों के साथ संपन्न हुआ —
- गोंडवाना रत्नों को श्रद्धांजलि (हीरा-मोती पेनांजली दिवस)
- कोयतुर संदेश पत्रिका का विमोचन — समाज की आवाज़ बनने का संकल्प
- पाँच देव परिवार मिलन समारोह — संस्कृति और परंपरा की एकता

📖 कोयतुर संदेश पत्रिका विमोचन
इस अवसर पर कोयतुर संदेश मासिक पत्रिका का विमोचन हुआ।
संपादक अजय सिंह पोर्ते को शंभू शक्ति सेना छत्तीसगढ़ का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
राकेश सांडिल, प्रदेश अध्यक्ष, शंभू शक्ति सेना ने कहा —
> “अजय पोर्ते जी के नेतृत्व में कोयतुर संदेश समाज की विचारधारा का दर्पण बनेगा।
यह पत्रिका आदिवासी चेतना का विश्वस्तरीय मंच बनेगी।”

🌾 मुख्य अतिथि और विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में तानाखार विधायक एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम जी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा —
> “प्रकृति की पूजा करना, उसका शोषण नहीं करना — यही आदिवासी जीवन दर्शन है।
जल, जंगल, जमीन हमारे अस्तित्व की नींव हैं, और इनकी रक्षा ही सच्ची देशभक्ति है।”
विशिष्ट अतिथियों में —
डॉ. एल.एस. उदय, डॉ. आर.एस. सिंह, डॉ. दीपक मरकाम, डॉ. के.एस. परस्ते, मनमोहन सिंह उरेती, इंजी. संजय सिंह कमरो, विजय मरपच्ची, राजा क्षितिज उईके, अधिवक्ता अशोक पैकरा, छत्रपाल मरावी, प्रभु जगत, लव मांझी, सरजू मांझी, तुलेश्वर पोर्ते, सतवीर सिंह कोर्चो, हितेंद्र मरकाम, राजपाल कोर्राम, देवसाय पोया, जीतम उईके सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
🌳 प्रकृति पूजन और सेवा गोगो अनुष्ठान
कार्यक्रम की शुरुआत भूमका पुजारी शिवभजन सिंह पोर्ते द्वारा सेवा गोगो अनुष्ठान से हुई।
प्रकृति पूजन के इस अनुष्ठान ने यह संदेश दिया —

> “जल, जंगल, ज़मीन हमारे देव हैं — उनकी रक्षा ही हमारी संस्कृति की रक्षा है।”
🌺 अंतिम संकल्प — आत्मनिर्भर, शिक्षित और संगठित समाज की ओर
कार्यक्रम के अंत में हजारों लोगों ने एक स्वर में कहा —
> “हम उपभोक्ता नहीं, प्रकृति के रक्षक हैं।
शिक्षा हमारा अस्त्र है, एकता हमारी शक्ति है, संस्कृति हमारी पहचान है।”
पूरा परिसर “जय सेवा – जय आदिवासी – जय गोंडवाना – जय शंभू शक्ति सेना” के नारों से गूंज उठा !
✍️ रिपोर्टर:
अजय सिंह पोर्ते एवं राकेश सांडिल
📢 प्रेषक:
शंभू शक्ति सेना छत्तीसगढ़ परिवार एवं कोयतुर संदेश संपादकीय टीम
🌿 जय सेवा — जय आदिवासी — जय गोंडवाना — जय शंभू शक्ति सेना 🌿
Author: Shambhoo Dwip
जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें











1 thought on ““जोबगा में गूंजा आदिवासी चेतना का बिगुल — रघुवीर सिंह मार्को और तुलेश्वर मरकाम के मार्गदर्शन में हुआ कोयतुर संदेश का भव्य विमोचन, हीरा-मोती पेनांजली दिवस बना आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक””