आदिवासी ही हैं जल–जंगल–जमीन के मूल मालिक – आर. एन. ध्रुव

 

विश्व आदिवासी दिवस पर दुगली में विशाल कार्यक्रम, आदिवासी अधिकारों और संरक्षण पर जोर

 

दुगली (धमतरी, छ.ग.)

गोंडवाना समाज सेवा समिति उपक्षेत्र दुगली के तत्वाधान में 9 अगस्त 2025 को बाबा बाहर राय प्रांगण, दुगली में विश्व आदिवासी दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाहर राय बाबा की पूजा-अर्चना और भव्य बाइक रैली से हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आर. एन. ध्रुव (प्रदेश अध्यक्ष, अनु.ज.जा. शासकीय सेवक संघ छत्तीसगढ़ एवं राष्ट्रीय सचिव, गोंडवाना गोंड महासभा) ने कहा—

 

> “आदिकाल से आदिवासी इस धरती पर निवासरत हैं और जल–जंगल–जमीन के असली मालिक हैं। आने वाले 2026 की जनगणना आधारित परिसीमन में आदिवासी सुरक्षित सीट नगरी-सिहावा पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए परिसीमन आयोग को इस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से पहले ही अवगत कराना जरूरी है।”

 

 

उन्होंने चिंता जताई कि घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों और विरल आबादी वाले आदिवासी क्षेत्रों के बीच जनसंख्या आधारित परिसीमन से आदिवासी क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है। इसलिए पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की भौगोलिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही परिसीमन होना चाहिए।

 

गोंडवाना राज्य की मांग फिर दोहराई

 

श्री ध्रुव ने कहा कि भाषा के आधार पर अन्य राज्यों का निर्माण हुआ, लेकिन करोड़ों गोंडी भाषी आज भी गोंडवाना राज्य से वंचित हैं, जिसके कारण आदिवासी भाषा, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण प्रभावित हो रहा है।

 

अधिकार, कानून और संरक्षण के मुद्दे

 

पेसा कानून का सही क्रियान्वयन न होने से आदिवासियों की जमीन की लूट जारी है।

 

इतिहास लेखन में आदिवासी विभूतियों की अनदेखी हुई है, जिसे सुधारने के लिए लेखकों को आगे आना होगा।

 

स्थानीय युवाओं की सरकारी सेवा में भागीदारी बढ़ाने से ही नक्सल समस्या का समाधान संभव है।

 

ढाई लाख की आय सीमा के कारण कई आदिवासी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

 

एट्रोसिटी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन न होने से समाज को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

 

बड़े उद्योग और प्रतिष्ठानों में आदिवासी प्रबंधन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 

वन अधिकार पट्टा में पहला हक आदिवासियों का होना चाहिए।

 

 

फर्जी जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण का मुद्दा

 

श्री ध्रुव ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की और कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बहाल न होने से समाज को भारी नुकसान हो रहा है।

 

वन संरक्षण और विस्थापन पर चेतावनी

 

उन्होंने टाइगर प्रोजेक्ट और औद्योगिकीकरण के नाम पर वनों की कटाई और आदिवासियों के विस्थापन का विरोध किया। नगरी क्षेत्र में आदिवासियों को वनों से बाहर किए जाने की योजना पर चिंता जताई और कहा कि आदिकाल से निवासरत आदिवासियों को वनों से बेदखल न किया जाए।

 

कार्यक्रम की गरिमा

 

अध्यक्षता मायाराम नागवंशी (अध्यक्ष, गोंडवाना समाज सेवा समिति, उपक्षेत्र दुगली) ने की।

विशिष्ट अतिथियों में शिवचरण नेताम (पूर्व जिला अध्यक्ष, ध्रुव गोंड समाज, जिला धमतरी), राजेन्द्र ध्रुव (जिला सचिव, छ.ग. सर्व आदिवासी समाज, जिला धमतरी), संरक्षक बिच्छल सिंह मरकाम, नरसिंह मरकाम, पंचू राम नेताम, जनपद सदस्य श्रीमती कलावती मरकाम, तथा कई ग्राम सरपंच उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम संचालन बुधराम नेताम, चिंता राम तुमरेटी, अर्जुन मरकाम ने किया। युवा प्रभाग के अध्यक्ष मुकेश मंडावी और महिला प्रभाग की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी सोरी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।

 

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें

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