गोंडवाना रत्न मोतीरावण कंगाली जी की जयंती पर शिवनंदनपुर में गोंडी भाषा दिवस का भव्य आयोजन

**शिवनंदनपुर:** जय सेवा समिति शिवनंदनपुर के तत्वावधान में **गोंडवाना रत्न आचार्य मोतीरावण कंगाली जी** की जयंती एवं **गोंडी भाषा दिवस** का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।  

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक **मंठू सांडिल** ने कहा, *”यह हमारे समाज के लिए गर्व की बात है कि हम पहली बार अपने गांव में गोंडवाना रत्न मोतीरावण कंगाली जी का जन्मोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने हमारे इतिहास को संजोने का कार्य किया, और आज मैं स्वयं एक भुमका स्वरूप समाज को जागरूक करने में लगा हूं। हमें यह स्वीकार करना होगा कि हम आदिवासी हैं, लेकिन हिंदू नहीं, हमारा धर्म प्रकृति शक्ति गोंडी धर्म है।”*

जय सेवा समिति के अध्यक्ष **राकेश सांडिल** ने कहा कि गोंडवाना की महान विभूतियों को याद रखना और उनकी विचारधारा को समाज तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने **सामाजिक एकता, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण** पर जोर दिया।

### **सामाजिक एकता – हमारी सबसे बड़ी ताकत**

राकेश सांडिल ने कहा कि *”हमारा समाज हजारों वर्षों से प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए जीवित रहा है। लेकिन आज बाहरी शक्तियां हमें विभाजित करने में लगी हैं।”*

– समाज को जाति, उपजाति और क्षेत्रीयता के नाम पर बांटा जा रहा है।

– धर्मांतरण और बाहरी प्रभाव हमें कमजोर कर रहे हैं।

– यदि हमें अपने जल, जंगल और जमीन को बचाना है, तो एकजुट रहना होगा।

उन्होंने कहा, *”बांटो और राज करो की नीति ने हमें कमजोर किया है, अब हमें एकजुट होकर आगे बढ़ो की नीति अपनानी होगी।”*

### **शिक्षा – हमारे अधिकारों की कुंजी**

सांडिल ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपनी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़ने की जरूरत है।

– सरकारी नीतियों में आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है।

– गोंडी भाषा को शिक्षा में शामिल करने की मांग उठानी होगी।

– **गोटूल परंपरा** को पुनर्जीवित कर युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ा जाए।

 

उन्होंने कहा, *”एक शिक्षित आदिवासी केवल अपने परिवार ही नहीं, पूरे समाज को आगे बढ़ाता है।”*

### **आर्थिक स्थिति – आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम**

आदिवासी समाज प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद गरीबी से जूझ रहा है। इसका मुख्य कारण बाहरी ताकतों द्वारा संसाधनों की लूट और योजनाओं में भेदभाव है।

 

राकेश सांडिल ने आर्थिक मजबूती के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए –

✅ **कृषि और वनोपज आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देना।**

✅ **छोटे उद्योग और स्टार्टअप शुरू करना।**

✅ **शिल्प, हस्तकला, लोककला को बाजार तक पहुंचाना।**

✅ **महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना।**

 

उन्होंने कहा, *”यदि हम अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर लें, तो हमारी राजनीति, समाज और भविष्य सभी सुरक्षित रहेंगे।”*

### **गोंडवाना पुनर्जागरण की आवश्यकता**

कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि –

✅ **सामाजिक एकता बनाए रखेंगे।**

✅ **शिक्षा को बढ़ावा देंगे।**

✅ **आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।**

✅ **अपनी संस्कृति और भाषा की रक्षा करेंगे।**

 

अंत में **मोतीरावण कंगाली जी** की जयंती पर **खीर प्रसाद** का वितरण किया गया। जय सेवा समिति शिवनंदनपुर द्वारा **बच्चों को 1100 रुपये का नगद पुरस्कार** प्रदान किया गया।

 

### **उपस्थित गणमान्य व्यक्ति**

इस कार्यक्रम में **राकेश सांडिल (अध्यक्ष, जय सेवा समिति शिवनंदनपुर एवं प्रदेश अध्यक्ष, शंभू शक्ति सेना छत्तीसगढ़), मंठू सांडिल (संरक्षक, जय सेवा समिति शिवनंदनपुर), शेषराम सांडिल (संरक्षक), महेंद्र नेताम, सुनील नेताम, महेश नेताम, मान उईके, संभू उईके, सोबरन सांडिल, प्रीति उईके, संभल सांडिल, चंदेश्वर मरावी, आंसू सांडिल, अध्ययन सांडिल, ललित मरावी, सीमा मरावी, सुमित पनिका गोंड, कृष्णा** सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए **राकेश सांडिल** ने उपस्थित सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया और **सेवा जोहार** के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

**”जोहार गोंडवाना!”**

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें

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