**सूरजपुर, 22 जून 2024:** छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों के बीच भारी असंतोष फैल गया है। अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ ने विधायक श्री भूलन सिंह मरावी को पत्र लिखकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

अनुसूचित जाति और जनजाति के हजारों पदों को अवैध तरीके से सामान्य और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों से भरे जाने के कारण यह आक्रोश और भी बढ़ गया है। संघ ने बताया कि दिसंबर 2019 से आरक्षण के मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद प्रशासनिक त्रुटियों के चलते बैकलॉग पद भी जनरल प्रमोशन के तहत भर दिए गए हैं।
**मुख्य मांगें:**
1. **पदोन्नति पर रोक:** नए नियम अधिसूचित होने तक पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2. **नए नियमों का अधिसूचन:** उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कैडर वाइज मात्रात्मक डाटा एकत्रित कर नए नियमों को अधिसूचित किया जाए।
3. **फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों पर कार्रवाई:** फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर, नौकरी से बर्खास्तगी और वसूली की जाए।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 50 प्रतिशत की सीलिंग लगाकर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति नहीं दी जा रही है, जिससे अपूर्णनीय क्षति हो रही है।गाँव खेकसा तालकेशवरपुर में गुडी सभा ने किया जमीन विवाद का समाधान
**स्थानीय निवासियों को रोजगार:** संघ ने 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों के लिए तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर भर्ती शीघ्र शुरू करने की मांग की है, जिससे वनों में निवास करने वाले मूल निवासियों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
यह मामला राज्य के संवैधानिक हितों और सामाजिक न्याय से जुड़ा है, और इसके त्वरित समाधान की आवश्यकता है।
**हमारी मांगों को तत्काल पूरा किया जाए:** संघ ने विधायक से अनुरोध किया है कि वे इन मांगों को विधानसभा में उठाएं और न्याय दिलाने में सहयोग करें।
इस घटना ने छत्तीसगढ़ में एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है। आगे की कार्रवाई के लिए सभी की नजरें राज्य सरकार और न्यायालय पर हैं।आदिवासी/मूलनिवासी समुदाय का नया मील का पत्थर: बिलासपुर में ‘विजय वंदना हास्पिटल’ का शुभारंभ**
Author: Shambhoo Dwip
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