सर्व आदिवासी समाज ने दो दिवसीय हसदेव बचाओ क्षेत्र का निरीक्षण करके संभागीय बैठक में माता राजमोहिनी देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए 15 जनवरी 2024 को सरकार को अल्टीमेट चेतावनी आवेदन पत्र दिया जाएगा एवं आदिवासियों को विस्थापित बंद कराने के लिए सरगुजा संभाग बंद कराने का आह्वान सर्व सहमति से प्रस्ताव पारित किया गया है

सर्व आदिवासी समाज हसदेव बचाओ आंदोलन को जिंदा रखने के लिए और आदिवासियों के साथ अन्याय को ध्यान में रखते हुए लगातार दो दिवसीय 5 जनवरी 2024 को हसदेव क्षेत्र में प्रभावित गांव परसा ,केते, बासेन,साल्ही एवं प्रभावित लोगों से जो लगातार 10 सालों से हसदेव बचाओ संघर्ष समिति बनाकर इस आंदोलन को किसी भी हाल में जिंदा रखे हुए हैं जब उनसे जाकर सर्व आदिवासी समाज एवं शंभू शक्ति सेना के मुखिया लोगों ने समाज के लोगों से जमीनी स्तर की जानकारी लिया तो पैरों तले आसमान खिसक गया क्योंकि जो डाटा जो जानकारी अभी तक प्रदेश स्तरीय एवं संभागीय स्तरीय सामाजिक मुखिया लोगों के पास जानकारी का अभाव था बिना जानकारी और बिना हथियार के हम पूंजीपति और शासन प्रशासन जो हसदेव क्षेत्र को अपनी गंदी नजर से देखते हैं जो हसदेव को उजाड़ने में जिनका अहम रोल है हम उनसे तभी लड़ पाएंगे जब हमारे पास जरूरी दस्तावेज होंगे….आज सर्व आदिवासी समाज के द्वारा प्रदेश स्तर व सरगुजा संभागीय स्तर के पदाधिकारी द्वारा जिसमें तिरू. बी.एस.रावटे कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष , विनोद नागवंशी प्रदेश महासचिव , सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़, बृजमोहन गोंड महासचिव सूरजपुर,

विनती करती हुई

माता राजमोहिनी देवी जी की पुण्यतिथि पर संभाग स्तरीय बैठक सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़

माता राजमोहिनी देवी जी की पुण्यतिथि पर संभाग स्तरीय बैठक सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़

माता राजमोहिनी देवी जी की पुण्यतिथि पर संभाग स्तरीय बैठक सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़

हेमंत नेताम, अध्यक्ष गोंड समाज भिलाई, कमल सिंह नेताम जिला अध्यक्ष , जुनास एक्का जिला उपाध्यक्ष सूरजपुर , राकेश सांडिल प्रदेश अध्यक्ष शंभू शक्ती सेना छत्तीसगढ़ , परशुराम भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ अमृत मरावी जिला अध्यक्ष सरगुजा , कमलनारायण मंडावी जिला कोषाध्यक्ष धमतरी , राम लाल करियाम हसदेव बचाव संघर्ष समिति, मुनेश्वर सिंह पोर्ते। हसदेव बचाओ संघर्ष समिति, संगीता पोर्ते ,गौरी सिंह ओरकेरा , मजनू ,आरती ,मंतोषी प्रियंका कोर्राम , बीरबल कुमार आयाम ,सरजू लकडा , जयबाला भगत , अमित एक्का , चन्द्रभान सोरी ब्लाक अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज सूरजपुर , हसदेव बचाओ क्षेत्र परसा केते, बासेन, घाटबर्रा, एवं प्रभावित क्षेत्रों पर जाकर प्रभावित लोगों के द्वारा जो आवाज उठा रहें है उनसे भेंट मुलाकात कर सामाजिक दरबार करके उनके आंदोलन का हिस्सा बनकर प्रभावित लोगों से कई महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा किया गया एवं जमीनी स्तर पर बात कि गई और आगे आंदोलन को हम कैसे रणनीति बनाकर इस मुहिम को आगे बढ़ाया जाए और हसदेव बचाओ क्षेत्र में जो संघर्ष 10 साल से हो रहा है उस संघर्ष पर जीत हासिल कैसे करें इस पर हसदेव बचाओ संघर्ष समिति से व्यापक चर्चा हुई सर्व आदिवासी समाज के द्वारा हसदेव बचाओ संघर्ष समिति को 6 जनवरी 2024 राजमोहनी भवन अम्बिकापुर सरगुजा में संभागीय बैठक में शामिल होने के रणनीति बनाने बुलाया गया है एवं घाटबर्रा जहां पेड़ों की कटाई हुई है उस जगह पर जाकर सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखो द्वारा निरीक्षण किया गया और केते गांव जहां अदानी ग्रुप के द्वारा ओपन कास्ट खदान खुलने के कारण वहां के स्थानीय लोगों को विस्थापित किया गया है एवं कुछ लोगों को बासेन में 20 लम्बाई और 20 चौड़ाई का मकान बनाकर जिसमें एक बेडरूम हाल,एक किचन, एक बरांदा और छोटा टायलेट रुम दिया गया हैं  हसदेव क्षेत्र में जिनकी जमीन गई है वह अपने आप को ठगे हुए महसूस कर रहे हैं

संभागीय बैठक में माता राजमोहिनी देवी की पुण्यतिथि बनाते हुए हसदेव बचाओ के लिए बनेगा महारणनीति… सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश भर के मुखिया जुड़ेंगे इस संभागीय बैठक में हसदेव बचाओ आंदोलन बनेगा महारणनीति ,

 

कोयला ब्लॉग घाटबर्रा में कोयला निकालने के लिए हजारों पेड़ों की कटाई की गई

 

विनोद नागवंशी जी का कहना है….. सरकार पता नहीं काबर उसनिंधा दिखत हे अभी जो मुद्दा आवत हे हमर करा जो सरकारी आंकडा दिखत हे विधानसभा से प्रस्ताव पास होये हे कि आंबटन पास नई होये और नाही ऐकर आंबटन होय न डायवर्सन होय

 

मुनेश्वर सिंह पोर्ते जी का कहना है….. वो समय 2007-08 समय पढाई लिखाई करत रहें वो समय खदान ह आइस पहली तो हमन खुश रहेन कि दूसरे गांव जैईसन बड़े बड़े गाड़ी में घुम बो , नौकरी मिलही, हमर शिक्षा अच्छा होही, हमन ला जानकारी नहीं रहिस कि खदान खुले से आदिवासी मन के बहुत दुर्गति होही, हमर रीति रिवाज परंपरा ह समाप्त हो जाही हमर नदी नाला, खेत खलिहान सब बर्बाद हो जाही जेन हमन छोटे छोटे रहेन तो केकडा मछली पकडत रहेन 2008-09 में कोयला खदान खुले के प्रक्रिया चालू हो गइस त केते के वासी मन जो मुआवजा मिले रहिस तेमे सब्बो घर में बड़े बड़े गाड़ी लेके घुमत फिरत रहिन तो हमू मन ल लगिस की खदान खुले से हमरो तरक्की हो जाही अब खदान ले हमन ला पता चलते कि खदान खुले से आदिवासी मन कर बहुत दुर्गति होते हे तेकर ले हमन हसदेव बचाओ के आंदोलन धरना प्रदर्शन करत

हसदेव बचाओ आंदोलन में शामिल सर्व आदिवासी समाज

हसदेव बचाओ आंदोलन में शामिल सर्व आदिवासी समाज

 

 

आंदोलनकारी एवं प्रभावित लोगों का बात सुनते हुए
माता राजमोहिनी देवी की पुण्यतिथि पर सभी समाज के लोगों के द्वारा सादर नमन सेवा जोहार किया गया

राम लाल करियाम जी का कहना है..… जब हम 2008-09 में ग्राम सभा हुआ   हरिहरपुर, परसा, साल्ही, में ग्राम सभा प्रस्ताव कलेक्टर के अध्यक्षता में हुआ जिसमें हमने 31 मांग रखें उसे समय हमें जानकारी नहीं था की खदान खोलने से हम भी सोचते थे कि अच्छा रोजगार शिक्षा हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन खदान खोलने से हमारे समाज की सबसे बड़ी दुर्गति हुई कि उसकी रीति रिवाज परंपरा सब बर्बाद हो गई क्योंकि जिन्हें मुआवजा मिला है वह आज सबसे ज्यादा बर्बाद हुआ है हम कुछ समझदार हुए तो हमें पता चला कि हमारी नदी में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है जिसमें हम नहाना धोना पानी पीने का कार्य करते थे इसे देखकर ही हमें गुस्सा लगा और हम इस आंदोलन की ओर धीरे-धीरे सीखते रहें और आंदोलन को आगे बढ़ाने में हम अभी तक आगे रहे

विस्थापित लोगों का आवास बासेन

विस्थापित लोगों का आवास बासेन

पीड़ित प्रभावित महिला द्वारा…. का कहना है कि जब खदान नहीं खुला था तो हमारी जिंदगी सुखमय जीवन था हम हरा भरा जिंदगी जीते थे कम कमाते थे पर जीवन यापन अच्छा होता था लेकिन जब से खदान हमारे गांव में है तब से हम बेचैनी जिंदगी और अपनी समाज की रीति रिवाज परंपरा को हमें खोने का डर है हमारी जमीन को दिन-रात जबरन लेने का प्रयास किया जा रहा है फर्जी ग्राम सभा बनाकर हमारी जमीन पर कोयला के लिए खुदाई किया जायेगा जिसमें हमारे पेन पुरखा की शक्तियां है जिसे उद्योगपति अडानियों के द्वारा समाप्त किया जा रहा है

 

 

 

 

कल्याण सिंह मांझी… जब हमारे गांव में पहली बार खदान खुला और मुआवजा मिला जो कल्याण सिंह मांझी यहां के गोटिया थे जिन्हें एक करोड़ 70 लख रुपए मिला था उन्होंने उसे पैसे से खूब गाड़ी खरीदे और अंत में उसका जब मौत हुआ उसे गांव वाले ने मिट्टी के लिए जमीन नहीं दी क्योंकि उसने गांव को बर्बाद किया था गांव वाले का बोलना है और यही सब देखते हुए गांव वाले बोलते हैं कि पैसे से जिंदगी बर्बाद हो सकती है लेकिन प्रकृति में हम कम पैसे में भी जीवन यापन अच्छी तरीके से कर सकते हैं वाले हमारे पास साधन का अभाव है और हम यही प्रकृति में खुश हैं

 

 

 

 

 

 

 

मोतीलाल पैकरा…. जी का कहना है कि जब तक हम लड़ेंगे नहीं तब तक हम जीतेंगे नहीं क्या आप लोग तैयार हो इसके लिए हम संभावित स्तर पर 6 जनवरी 2023 राजमोहनी देवी भवन अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़ में बैठक  रखे हुए हैं हसदेव  बचाव के संबंध में बड़ी रणनीति बनने वाली है जिसमें आप सभी की आना अनिवार्य है आप सभी से निवेदन है इस बैठक में जरूर शामिल हुए और हम आपकी हसदेव बचाओ क्षेत्र के आंदोलन को सफलता की रास्ता पर ले चलेंगे

 

 

 

 

अमृत मरावी… जी का कहना है अब की लड़ाई रोड के साथ कलम की लड़ाई होगी जिन्हें रोड पर लड़ाई लड़ना है वह रोड पर लड़ेगी जिन्हें कलम की लड़ाई लड़ना है उन्हें कलम की लड़ाई में लड़ाई जारी रखेंगे अबकी बार सरकार को भी कटघरे में खड़े करेंगे

 

राकेश सांडिल… जी का कहना है हसदेव बचाओ आंदोलन के लिए हम हमेशा तैयार हैं क्योंकि हम प्रकृति से बेहद लगाव रखते हैं इस प्रकृति ने सभी मानव जीवन को जीवन दायिनी दी है प्रकृति के सुंदर नजारों को सुंदर दृश्य को न जाने कितनी दूर-दूर से लोग देखने के लिए आते हैं और यहां के कांग्रेस बीजेपी की सरकार ने इस मनमोहन दृश्य को ना जाने बचाने कि  रणनीति अभी तक नहीं बनाई है उसके रणनीति को जब तक हम तोड़ेंगे नहीं तब तक हम  चैन से बैठेंगे नहीं क्योंकि इस प्रकृति ने मानव जीवन की रक्षा की है हमारे पुरखा

 

प्रकृति में ही जीवन यापन किए हैं हम अपने पुरखों के रास्ते पर चलेंगे इस पूंजीवादी लोग इस बात को अभी भी नहीं समझे है उन्हें आंदोलन के माध्यम से जरूर समझने का प्रयास करेंगे हम सभी आपके संघर्ष में शामिल

सर्व आदिवासी समाज का संभागीय बैठक का आज अंतिम दिन माता राजमोहिनी भवन अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़ में उनकी पुण्यतिथि 6 जनवरी 1994 पर सर्व आदिवासी समाज आज जो बचाव आंदोलन को गति देने के लिए रणनीति बनाने के लिए यह बैठक उनकी पुण्यतिथि पर ही रखा गया था पर भाजपा के शासनकाल में हमें भवन एलॉटमेंट होने के बाद भी माता राजमोहिनी भवन हमें नहीं दिया गया यह समाज के साथ बहुत बड़ा छल कपट है ऐसे में प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए भी आदिवासियों के साथ अगर इस तरह से अन्याय होता है तो यह आदिवासी मुख्यमंत्री पर कलंक और दाग है एक तरफ पूरा आदिवासी समाज हसदेव बचाओ मुहिम में जुड़ा हुआ है और वही प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए भी यह समाज में एक गलत मैसेज जा रहा है जिस देश के राष्ट्रपति भी आदिवासी हो और वह आदिवासियों के साथ खड़ा ना हो सके यह बहुत बड़ी विनम्र और आदिवासी के साथ बड़ा झोलझाल है

सर्वाधिक से संभागीय कमेटी ने तत्काल में निर्णय लेते हुए बैठक को अजिरमा अम्बिकापुर सरगुजा गोंडवाना भवन में तत्काल रखा गया बैठक कब प्रारंभ होने के तुरंत ही माता राजमोहिनी की पुण्यतिथि को बनाते हुए उनके कार्यों को समाज तक पहुंचाते हुए उनके संदेशों को लोगों को बताते हुए कि उन्होंने समाज में रहकर जो मुकाम हासिल किया है वह आज के पढ़े-लिखे व्यक्ति भी नहीं कर सकता क्योंकि उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। समाज के कुछ लोगों को काफी दिक्कतें हुई की कई लोग बसों से आए हुए थे उन्हें पैदल बैठक स्थान पर पहुंचना था समय की काफी बर्बादी हुई जिस पर समाज ने बैठक प्रारंभ होते ही जिस पर मंच संचालन करते हुए डॉक्टर अमृत मरावी जी ने उद्बोधन में यह स्पष्ट कर दिया था कि हमें और हमारे रणनीति को यह बीजेपी की सरकार रोक रही है हमें भवन अलॉटमेंट होने के बाद भी भवन नहीं दिया गया जबकि से पूर्व ही हमने आवेदन से भवन बैठक के लिए मांगी गई थी जो हमें एलॉटमेंट हो गया था लेकिन इनकी गलत रवैया के कारण हमें भवन अलॉटमेंट नहीं हुआ इसमें समाज क्या निर्णय लेती है क्योंकि यहां प्रदेश से आए हुए हमारे सामाजिक पदाधिकारी भी हैं उनके माध्यम से यह अभी इस पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा तभी मंच संचालन करते हुए अमित जी ने विनोद नागवंशी प्रदेश महासचिव सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ जी को उद्बोधन के लिए कहा और उन्होंने तत्काल इसकी कड़ी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव समाज में पारित किया गया और इसके लिए सर्वाधिक समाज निंदा प्रस्ताव लेटर जारी करेगी ताकि समाज में इसका कड़ा विरोध मैसेज सरकार तक पहुंचे

 

इस बैठक में शंभू शक्ति सेना ,गोंड महासभा, हसदेव बचाओ संघर्ष समिति हरिहरपुर, नेशनल पीपल फेडरेशन छत्तीसगढ़ एवं अन्य कई संगठन एवं सर्वाधिक समाज की एवं सामाजिक मुखिया गढ़ उपस्थित थे जिसमें प्रमुख गोंड समाज, हल्बा समाज, उरांव समाज, माझी समाज एवं अन्य सामाजिक उपस्थित थे

सर्व आदिवासी समाज के संभाग स्तर के सभी जिला पदाधिकारी एवं प्रदेश बॉडी इस संभागीय बैठक पर अपनी उपस्थिति दिए और सभी समाज की प्रमुख गानों के द्वारा विचार विमर्श किया गया यह विचार विमर्श काफी लंबा चला

 

इस बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित जिसमें तिरू. बी.एस.रावटे कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष , विनोद नागवंशी प्रदेश महासचिव , सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़, बृजमोहन गोंड महासचिव सूरजपुर,

हेमंत नेताम, अध्यक्ष गोंड समाज भिलाई, कमल सिंह नेताम जिला अध्यक्ष , जुनास एक्का जिला उपाध्यक्ष सूरजपुर , राकेश सांडिल प्रदेश अध्यक्ष शंभू शक्ती सेना छत्तीसगढ़ , परशुराम भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ अमृत मरावी जिला अध्यक्ष सरगुजा , कमलनारायण मंडावी जिला कोषाध्यक्ष धमतरी जयपुर बलरामपुर एवं सरगुजा संभाग के सभी सामाजिक पदाधिकारी सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष इस महत्वपूर्ण बैठक में अपनी उपस्थिति दिए जानकारी के अभाव में उनका नाम यहां स्पष्ट रूप से नहीं लिखा जा रहा है

 

संभागीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश स्तर के कार्यकारिणी अध्यक्ष बी एस रावटे समाप्ति के पश्चात सभी समाज प्रमुखों एवं समाज की पदाधिकारी से युवा वर्गों से अंतिम निर्णय जानना चाहा एवं सभी ने सर्व समिति से 15 जनवरी को अंतिम चेतावनी अल्टीमेट लेटर दिया जाएगा इसके बाद 20 दिन बाद सरगुजा बैंड का आह्वान भी इस लेटर पर शासन प्रशासन को दिया जाएगा

 

इस आंदोलन को रूप देने के लिए सभी गांव से एक बड़ा चावल और आर्थिक सहयोग की अपेक्षा की गई है जिसमें सभी संगठनों ने अपनी सहमति एवं भागीदारी सुनिश्चित किया है

 

यह बात हमने जैसा सुना जैसा महसूस किया,विचार किया कि इस बैठक में मैं स्वयं सम्मिलित था दो दिवसीय अगर इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होती है यह जवाबदारी मीडिया टीम की होगी क्योंकि मीडिया टीम ने हमें प्रेस विज्ञप्ति नहीं किया है। राकेश सांडिल ✒️ से

Shambhoo Dwip
Author: Shambhoo Dwip

जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें

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