हसदेव बचाओ पदयात्रा को समर्थन देने नवगठित पार्टी कद्दावर नेताओं का आगमन भारतीय आदिवासी पार्टी जो पिछले विधानसभा में पहली बार ही चार विधायक बनाकर यह साबित कर दिया कि आदिवासी समाज, वैचारिक रूप से अभी जिंदा है

मध्य प्रदेश से कमलेश डोडियार जो बहुत शांत और सरल स्वभाव के हैं लेकिन संविधानिक मुद्दों पर काफी जागरूक और आदिवासी मुद्दों को बढ़-कर कर समाज में अपनी पकड़ बनाकर रखते हैं , और। राजस्थान से उमेश मीणा , थावरचंद मीणा और सबसे ज्यादा बहुचर्चित राजकुमार रोत जो आदिवासी भारतीय पार्टी के मुख्य रूप से संचालक भी है जिन्होंने 65000 वोटो से नई पार्टी आदिवासी पार्टी से विजयी प्राप्त की जिनका आगमन

(आज हसदेव बचाओ पदयात्रा का छठवां दिन है जो पिछले रात्रि विश्राम शिवप्रसाद नगर में हुआ था और वहां से सुबह पदयात्रा प्रारंभ होकर खबर लिखने तक अनुमानित भैयाथान पहुंचने वाली है आज के पदयात्रा में सभी समुदाय खासकर मुस्लिम समुदाय ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और हसदेव बचाओ का समर्थन किया मुस्लिम समुदाय कहा यह समस्त मानव का जीवन बचाती है हम सभी वर्ग सभी धर्म के लोगों को हरदेव बचाओ का समर्थन करना चाहिए और बढ़ चढ़कर जल जंगल जमीन की रक्षा करने के लिए हमेशा आगे आना चाहिए क्योंकि हमने अभी तक देखा है कि आदिवासी समाज ही जल जंगल जमीन को बचाने के लिए आगे आया है जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं और इस हड्डियों बचाओ मन से मैं सभी समाज प्रमुखों से निवेदन करता हूं सभी जुड़े सभी समर्थन करें )

हमारे सरगुजा के पावन धरती पे चार विधायक गण जिसमे से राजकुमार रोत विधायक जी उमेश मीणा विधायक जी थावर चंद मीणा एवम मध्यप्रदेश के विधायक कमलेश डोडियाल जी जिला सूरजपुर के विश्रामपुर में दिनाक 5 फरवरी को दोपहर 2 बजे एक आम सभा को संबोधित करने के लिए पहुंच रहे हैं समस्त सरगुजिहा भाई बहन से निवेदन है की हसदेव जंगल के कटाई के खिलाफ आयोजित आम सभा में आवाज बुलंद करने में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर

विधानसभा में राजकुमार रोत —
लड़ेंगे, जीतेंगे हसदेव बचाएंगे
इस शब्द को चरितार्थ कर सरगुजा के माटी पुत्र बने
सरगुजा के पावन धारा में पहली बार भारतीय आदिवासी पार्टी के चारों दिग्गज वैचारिक विधायकों का आगमन हो रहा है जो दिनांक 5 फरवरी 2024 दिन सोमवार ,समय 2:00 बजे आदिवासी के कद्दावर नेता जो अपनी पहचान आदिवासी वैचारिक विचार विमर्श से रखते हैं जिनकी पहचान ही आदिवासी मुद्दों पर होती है
जिनकी जानकारी हमें सोशल मीडिया और छत्तीसगढ़ के सबसे बहुचर्चित रमेश ठाकुर संपादक मासिक पत्रिका गोंडवाना स्वदेश जी से जानकारी प्राप्त हुई और रमेश ठाकुर ने अभी कहा कि आज हसदेव बचाओ आंदोलन पूरे देश में एक गंभीर मुद्दा बन चुका है लेकिन यहां की प्रकृति विरोधी सरकार किन्हीं अन्य विषयों पर काम तो कर रही है लेकिन मानव जीवन के लिए जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है उनके लिए जरा भी ध्यान नहीं दे रही है यही कारण है कि यह मुद्दा भारत का ही नहीं अभी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बन चुका है और सबसे अचरज की बात यह है सरगुजा की स्थली लोग सबसे कम जागरूक हैं लोग जोड़ नहीं पा रहे हैं खबरें उन तक पहुंच रही है पर सरगुजा बचाओ हसदेव बचाव के नारों से हमने उन्हें जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं और यही कारण है कि
हमारे योद्धा भारतीय आदिवासी पार्टी के विचारक विधायक जिला सूरजपुर के विश्रामपुर ,शिवनंदनपुर के सरगुजा संभाग के पावन धरा पर पधार रहे हैं जिस पर रमेश ठाकुर जी का कहना है कि मैं समस्त सरगुजा वीडियो से प्रकृति प्रेमी से जो हरदेव बचाओ मानव बचाओ की जिंदगी से समस्त धर्म को पीछे छोड़ते हुए जो मानव को जीवन देते हैं जल जंगल जमीन उनकी अंतिम संस्कार रक्षा करने के लिए समस्त मानव से मैं आह्वान करता हूं निवेदन करता हूं कि समस्त जनता समस्त समुदाय 5 तारीख को हमारे विचारक विधायक , कमलेश डोडियार, उमेश मीणा, थावरचंद राजकुमार रोत ,जी का आगमन हो रहा है उसे पर अपना कीमती समय दें एवं हसदेव बचाओ पदयात्रा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और हमसे संपर्क करें हम लगातार 60 दिनों तक हसदेव बचाओ पदयात्रा कर रहे हैं

शंभू द्विप के पत्रकार राकेश सांडिल जी श्री रमेश ठाकुर जी से … चर्चा करते हुए यह भी पूछा गया ” क्या आपने 60 दिनों तक हसदेव बचाव पदयात्रा के लिए अपने घर त्याग दिया” उन्होंने बड़ी गंभीरता पूरक जवाब दिया, !
श्री रमेश ठाकुर जी का कहना है किसी भी आंदोलन में जब तक किसी का बलिदान नहीं होता तब तक हम इतिहास नहीं लिख सकते
यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मेरी उम्र में मैं आज हसदेव बचाओ मुद्दा पर जुड़ा हूं और मेरे रहते मैं कभी भी प्रकृति को रेगिस्तान नहीं बनने दूंगा ! मर मिटेंगे पर इतिहास जरूर लिखेंगे पर गंदी सोच हम झुकेंगे नहीं , मैं शाम को वैसे अपने परिवार से बात कर लेता हूं पर परिवार से दूर रहना भी बड़ा दुख है पर हसदेव जंगल अगर कट जाता है तो हमारे आदिवासी समाज अपने संस्कृति, रीति-रिवाज ,परंपरा से बेदखल हो जाएंगे क्योंकि जल जंगल जमीन के साथ हमारा गहरा संबंध है जिससे गोंडवाना इतिहास और धरोहर आज भी जिंदा है इसीलिए किसी न किसी को बलिदान त्याग करना पड़ता है
शंभू द्विप न्यूज चैनल की ओर से हसदेव पदयात्रा की रमेश ठाकुर संयोजक इस गंभीर मुद्दा को उठाने के लिए और उसे पर तत्पर रहने के लिए सदैव हमारी मीडिया आपके साथ रहेगी उसके लिए जोहर , उलगुलान उलगुलान
Author: Shambhoo Dwip
जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें










