कोरबा। दिनांक 28/01/2025
दैनिक भास्कर: एशिया अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस 2025
रघुवीर सिंह मार्को जी सम्मानित होने के लिए चयनित
मलेशिया में आयोजित होने जा रहे दैनिक भास्कर एशिया अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस 2025 में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के समाजसेवी और विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ के संस्थापक संरक्षक रघुवीर सिंह मार्को जी को सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड उन अद्वितीय व्यक्तित्वों को समर्पित है जिन्होंने शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में अपने अपूर्व योगदान से न केवल प्रदेश बल्कि देश का नाम रोशन किया है।
स्थान: मलेशिया
आयोजन: ASTA Awards of Excellence
वर्ष: 2025

**देश के अद्वितीय व्यक्तित्वों को जोहार**

हमारे देश में अनगिनत प्रेरणादायक कहानियां और समर्पित व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने समाज और देश को नई दिशा दी है। *दैनिक भास्कर एशिया अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस 2025* का आयोजन ऐसे ही महान व्यक्तित्वों के सम्मान के लिए किया जा रहा है। इस वर्ष, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के प्रख्यात समाजसेवी और *विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ* के संस्थापक संरक्षक *रघुवीर सिंह मार्को जी* को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।

### **रघुवीर सिंह मार्को: आदिवासी समाज के प्रेरणा स्तंभ**

रघुवीर सिंह मार्को जी का जीवन समाजसेवा और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को समर्पित रहा है। बचपन से ही उनकी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक लगाव ने उन्हें सबसे अलग बनाया। छठवीं कक्षा में हॉस्टल में रहते हुए उन्होंने नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। कॉलेज के समय में वह एक बेहतरीन रेसलर रहे और *गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी* की ओर से *छत्तीसगढ़ कुमार* की उपाधि से सम्मानित किए गए।

मार्को जी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) में अपनी नौकरी के दौरान, 2006 में कोरबा स्थानांतरण के बाद समाज की समस्याओं को करीब से देखा और इन्हें सुलझाने के लिए अपने प्रयास शुरू किए।

### **प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ की स्थापना**

2011 में, रघुवीर सिंह मार्को जी ने कोरबा जिले के बुधवारी बाजार में *विश्व की प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ* की स्थापना की। यह शक्तिपीठ आज आदिवासी समाज की संस्कृति, गौरव और पहचान का प्रतीक है।
**शंभू शक्ति सेना: समाज सुधार का अनोखा प्रयास**
2012 में उन्होंने *शंभू शक्ति सेना* की स्थापना की। इसका उद्देश्य आदिवासी समाज में एकता, जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना था। सेना ने “जल, जंगल, जमीन और गोंडी संस्कृति” के संरक्षण का बीड़ा उठाया।
गोंडवाना रत्न दादा हीरा सिंह मरकाम जी के जन्मदिन दिवस पर शंभू शक्ति सेना के तहत, अमरकंटक में लगातार तीन वर्षों तक निशुल्क भोज भंडारा और मेडिकल कैंप आयोजित किए गए। इस सेवा ने कई मेधावी छात्रों को आर्थिक मदद प्रदान की।
मार्को जी ने दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक लाने वाले आदिवासी छात्रों की शिक्षा का जिम्मा उठाया, जिससे युवाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी।
उनके गीत और कविताएं भी समाज को प्रेरित करने का एक अनोखा माध्यम हैं। इन्हें शंभू शक्ति सेना और अन्य यूट्यूब चैनलों पर सुना और देखा जा सकता है।

#### **चार शपथों का नारा**
*”शंभू के लो चार सपने, कर लो सारे सच”*—यह नारा आदिवासी समाज में जागरूकता और बदलाव की एक नई लहर बन चुका है। इस आंदोलन के तहत गोंडवाना संस्कृति का संरक्षण, नशा मुक्ति, अंधविश्वास का उन्मूलन और शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। अब तक इस अभियान में 12,000 से अधिक लोग शपथ ले चुके हैं।

### **समाज के लिए अपूर्व योगदान**
मार्को जी ने आदिवासी समाज को जातिवाद, अशिक्षा, नशाखोरी और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों से मुक्त करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आदिवासियों में एकता और जागरूकता का संदेश दिया।

### **एशिया अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस 2025: एक प्रेरणादायक सम्मान**
दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित इस पुरस्कार समारोह में रघुवीर सिंह मार्को जी का चयन, उनके कार्यों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना का प्रमाण है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों के लिए प्रेरणा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं।
—
### **राकेश सांडिल का संदेश**
प्रदेश अध्यक्ष राकेश सांडिल ने कहा, “मैं मार्को सर को 2014 से जानता हूं और उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखा है। उनका व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। शंभू शक्ति सेना को सही मायनों में उनका मार्गदर्शन मिला है।”
—
### **दैनिक भास्कर की ओर से बधाई**
दैनिक भास्कर टीम की ओर से रघुवीर सिंह मार्को जी को हार्दिक बधाई। उनके कार्य न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं।
**शंभूद्वीप: गोंडवाना की धरती पर आदिवासियों की सशक्त आवाज।**
Author: Shambhoo Dwip
जोहार शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है गोंडवाना की धरती पर आपकी आवाज .... जिस धरती पर जिसकी पहचान हो ,जिस धरती पर उसका नाम हो, आज वही मूल मालिक अपनी पहचान के लिए दर-दर भटक रहा है, बाहर के लोगों का उनकी संस्कृति पर हमला, इसलिए शंभू द्वीप न्यूज़ चैनल गोंडवाना की धरती पर आपका आवाज... हमें सपोर्ट करें










