गोंड खपरी ने रचा इतिहास: सामूहिक नशाबंदी का फैसला बना मिसाल, नंदकुमार साय बोले – ‘पूरा विश्व करेगा अनुसरण’

 


बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़ | 12 जून 2025:
ग्राम गोंड खपरी ने एक ऐसा ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है, जिसकी गूंज अब सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व में सुनाई देगी। जब पूरा देश नशा के दुष्परिणामों से जूझ रहा है, ऐसे समय में गोंड खपरी जैसे आदिवासी बाहुल्य गांव का सामूहिक रूप से शराबबंदी का निर्णय लेना सामाजिक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।

सामूहिक सहमति से हुआ ऐतिहासिक फैसला

गांव में हुई आमसभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि कोई व्यक्ति गांव में सार्वजनिक रूप से शराब पीते पाया गया तो उस पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इस निर्णय के बाद गांव में नशा सेवन की घटनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। यह निर्णय न केवल साहसिक है बल्कि सामाजिक एकता और आत्मानुशासन का बेहतरीन उदाहरण भी है।

नशा मुक्ति रैली में उमड़ा जनसैलाब

12 जून की संध्या को गांव में नशा मुक्ति रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, बच्चे और ग्रामवासी पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शामिल हुए। रैली के दौरान “नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो” जैसे प्रेरणादायक नारों से वातावरण गूंज उठा। गांव के ठाकुर देव, महामाया, शीतला माता सहित समस्त देवी-देवताओं का आह्वान किया गया कि वे गांव को नशा से मुक्त करें।

सभा में हुई जागरूकता की बात – प्रेरणास्पद संबोधन

रैली के उपरांत आयोजित सभा में डॉ. नंदकुमार साय, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम नेता प्रतिपक्ष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा:

“1970 के दशक में जब मैंने नशाबंदी का समर्थन किया, तब मैंने समाज के लिए नमक का त्याग किया था। आज तक नमक का सेवन नहीं किया। गोंड खपरी गांव का यह सामूहिक नशा विरोधी निर्णय मेरे जीवन का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस गांव की मिसाल मैं दिल्ली में संसद भवन से लेकर हर मंच पर दूंगा। यह कदम अद्वितीय है और इसका अनुसरण पूरा विश्व करेगा।”

अन्य प्रमुख वक्ताओं ने की सराहना

आर. एन. ध्रुव, प्रांतीय अध्यक्ष – अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, ने कहा कि गोंड खपरी का यह कदम उस परंपरा की निरंतरता है जब गांववासियों ने 50 वर्ष पूर्व सामूहिक श्रमदान से 1 किमी लंबी सिंचाई नहर बनाई थी। उन्होंने कहा कि यहां की एकता, संकल्प और जागरूकता अभूतपूर्व है।

पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार श्री गुप्ता ने भी गांव के इस साहसी निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान में पुलिस प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा। उन्होंने इस बात की सराहना की कि गांव ने स्वेच्छा से अपने लिए कठोर अनुशासन का चयन किया है।

समारोह में रही गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक अवसर पर ग्रामवासियों सहित विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे:
श्री राम ध्रुव (प्रांतीय सचिव), श्री सुरेश पैकरा (जिलाध्यक्ष), श्री दौलत कुंजाम (अध्यक्ष – टोनाटार चक), श्री राम ध्रुव (अध्यक्ष – गातापार चक), श्री सुंदर ध्रुव (अध्यक्ष – गोंड खपरी चक), श्रीमती पूर्णिमा संजय ध्रुव (सरपंच), रामायण मंडावी, चतुर सिंह नेताम, श्रीमती उषा ध्रुव, श्रीमती गीता ध्रुव, श्रीमती रुक्मणी ध्रुव, दशरथ ध्रुव, शत्रुघ्न ध्रुव, कुशल ध्वज, गोवर्धन ध्रुव, चेतन ध्रुव, केवल ध्रुव, दूजे राम, डूगेश्वर ध्रुव समेत पंचगण ग्राम पंचायत लिमाही गोंड खपरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अंत में शोक श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के समापन पर गुजरात के अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश के मृतकों को सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिससे कार्यक्रम का समापन सामाजिक और मानवीय संवेदना के साथ हुआ।


📍 ग्राम गोंड खपरी का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और पूरे समाज में चेतना का संचार करेगा।

✍️ रिपोर्ट: [राकेश सांडिल, शंभू द्विप ]


 

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Author: Shambhoo Dwip

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